मेंरा गाँव पर निबंध हिंदी में Essay on My Village in Hindi

मेंरा गाँव पर निबंध हिंदी में Essay on My Village in Hindi

आज आपको हमारे इस लेख में पूरा हिंदी भाषा में मेंरा गाँव पर लेख पढ़ने को मिलेगा. अगर आप इस लेख को पूरा पढ़ लेते है. तो आपको मेंरा गाँव पर निबंध लिखना आ जायेगा.

मेंरा गाँव पर निबंध हिंदी में (essay on my villagein hindi

मेंरा गाँव पर निबंध हिंदी में

मेरा गाँव एक बहुत हीं प्यारा एवं छोटा सा गाँव हैं. जो की बिहार राज्य के एक छोटे से जिले मुंगेर  में परता हैं, हमारा गाँव का नाम तिलोकचक हैं, और यहाँ हमारे गाँव में खरी देहाती भाषा बोली जाती हैं. और हमारे गाँव के चारो और कई सारे अन्य छोटे - छोटे गाँव भी हैं, जिसका नाम कुछ इस तरह का हैं. डंगरी, बिलया, मांझीटोला और भी इसी तरह दो तीन छोटे - बड़े और भी गाँव हैं! हमारे गाँव के चारो और हरयाली रहती हैं. क्युकी यहाँ पर चारो और खेत हैं. जिसमें की हम सभी देहात गाँव के लोग उसमें छोटे किसान के रूप में काम करते हैं. उसमें आलू, मकई, प्याज़, टमाटर, लहसुन, घाँस आदि को उबजाते हैं, जिनसे की हमारे गाँव में हमेशा हरयाली बनी रहती हैं. और हम सब गाँव वाले इस हरयाली को बनाए रखने के लिए हमेशा अपने खेतों में कुछ ना हरयाली उगाते रहते हैं. हमारे इन सभी गाँव के बिच में एक बड़ा एवं गहरा सा एक तालाब (नदी)हैं, जिसमें की हमारे गाँव से कुछ किलोमीटर की दुरी पर एक ऋषिकुण्ड नाम से एक कुंड हैं. जो की एक तालाब की तरह हीं हैं. और वह काफ़ी बड़ा भी हैं, उस कुंड में पानी इसके बगल में विशाल चट्टान (पहाड़)से निकलकर कुंड में आता हैं. और इसमें एक खाश बात ये भी हैं. की यहाँ हमेशा ठंड का महीना हो या फिर गर्मी का यहाँ हमेशा पहाड़ के निचे से गर्म पानी हीं निकलता है. इसलिए यहाँ पर हमारे गाँव से लेकर कई दूर - दूर से लोग यहाँ पर स्नान करने के लिए आते हैं. यहाँ पर ठंड महीने में काफ़ी भीड़ रहता है. क्युकी पहले भी बताये. की यहाँ कुंड में हमेशा गर्म पानी बहता रहता है. और ऋषिकुण्ड में तीन साल में एक बार भव्य मेला लगता है. जो की मलेमाश का मेला के नाम से जाना जाता है. यहाँ पर कई अलग - अलग हिन्दू देवी देवताओं का मंदिर है. ऋषिकुण्ड यही गर्म पानी के तालाब से होकर हमारे ऋषिकुण्ड का पानी हमारे गाँव के इस तालाब तक आता है, लेकिन हमारे गाँव तक पानी आते - आते ठंडा हो जाता है. हमारे गाँव के इस तालाब में सिर्फ कपड़े धोए जाते है, हमारे यहाँ के ग्रामीण लोगों के द्वारा इस तालाब को काफ़ी गन्दा करके रखा गया है. जिसके कारण इसका पानी स्नान करने के लिए उपयोग में नहीं लिया जाता है. केवल इसमें मछली मार और ग्रामीणों के द्वारा कपड़े धोए जाते है. मेरे गाँव में एक फिल्ड है. जो की हमारे गाँव के बीचो - बिच में है.  जिसका नाम यहाँ के भूतपूर्व लोगों के द्वारा खरवा फिल्ड रखा गया है. इसी फिल्ड पर हमारे गाँव का ग्रामीण बिद्यालय एवं  दुर्गा माँ, महादेव,बजरंगबली ये सभी देवी देवताओ का मंदिर है. हमारे गाँव के इसी फिल्ड पर माँ दुर्गा जी का भव्य मेला का आयोजन होता जिसमें की ग्रामीणों के द्वारा चंदा इकठ्ठा कर के और किसी निश्चित व्यक्ति के आस्था से इस मेला को सफल बनाया जाता है. यह मेला हमारे गाँव में अक्टूबर - नंबर में लगता है! इसके बाद हमारे गाँव में फ़रवरी माह में बाबा भोलेनाथ का विवाह महाशिवरात्रि का आयोजन होता है. जिसमें की हमारे गाँव के कई लोग भोलेनाथ बनते है. तो कई लोग उसके गन ( भुत प्रेत ) उसमें हम सभी ग्रामीन बच्चों के द्वारा काफ़ी आनंद उठाया जाता है. मेंरा गाँव में पक्की सरक बहुत दूर - दूर तक फैला हुआ है. जिसका रास्ता मेंरा गाँव का नजदीकी स्टेशन  से लेकर ऋषिकुण्ड और भी दूर - दूर तक फैला हुआ है. इन्हीं मार्ग से हमारे गाँव के लोग अपने राज्य से लेकर पुरे भारत में बहुत दूर - दूर तक सफर कर पाते है. मेंरा गाँव बहुत हीं प्यारा है. और यहाँ के बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी एक दूसरे से मिलजुलकर रहते है. हमारे गाँव के लोग खाना बनाने के लिए सुखी लकड़िया लाने के लिए हमारे गाँव का नजदीकी जंगल को जाते है. वहीं जंगल से हम सभी ग्रामीणों का लड़ियो का इंतजाम हो पाता है. जिस्से की मेरे गाँव में उन लकड़ियों के द्वारा हीं घर का खाना बनाया जाता है. मेरे गाँव के हर एक घर में पीएम नल - जल योजना के तहत सभी के घरों तक पेय पानी को पहुंचाया गया है. जिस्से की हमारे गाँव वालो को किसी दूर कुएँ पर पानी भरने नहीं जाना परता है. यहाँ हमारे गाँव में कई लोगों के घर में अपना खुद का भी कल (नल ) है. जिसका उपयोग हमलोग पानी पिने तथा उस पानी से बर्तन धोने में भी करते है. मेरे गाँव में अनेक प्रकार के अलग - अलग डिज़ाइन के छोटे - बड़े सुंदर एवं आकर्षक घर बने हुए है. जो हमारे गाँव के रौनक को बनाए हुए है. मेरे गाँव के चारो और कई सारे पेड़ - पौधे लगे हुए है. जिसमें कई सारे लोग अपने खेतों एबं बगिचो में कई सारे पेड़ पौधे लगाएं हुए है. जिस्से की हमारे गाँव का वायुमंडल काफ़ी शुद्ध रहता है. हमारा गाँव कृषि पर निर्भर करता है. यहाँ का ज्यादातर लोग कृषि एवं पशुपालने पर हीं निर्भर है. यहाँ के किसान काफ़ी मेहनती है. वो अपना ज्यादातर समय अपने खेतों पर हीं देते है. जिस्से उनके खेतों में हमेसा अच्छा एवं मोटा अनाज हो पाती है. अनाज की उपज के बाद हमारे गाँव का ज्यादातर किसान अपनी फ़सल को किसी दूसरे ग्राहक के पास बेच देते है. लेकिन हमारे गाँव का किसान अपनी उपज को अपने घर के राशन को चलाने में उपयोग में लेता है. हमारे गाँव में जाती पाती उच निचे का कोई भेदभाव नहीं है. हमारे गाँव के सड़क काफ़ी साफ सुथरा रहता है. क्युकी हमारे गाँव के सरको पर हमेशा साफ - सफाई चलती रहती है, हमारा गाँव का वातावरण शुद्ध एवं स्वछ है, हमारे गाँव में उलिमिटेड बिजली की सुबिधा है. और हमारे गाँव में मोबइल टॉवर की भी सुविधा है. इससे हमारे गाँव के लोगों को काफ़ी मदद मिलती है. नेटवर्क में, बिजली में हमारे गाँव में जगह - जगह पर बिजली के खम्बे गरे हुए है. जिस्से की हमारे गावों में चारो और बिजली की तार फैली हुई है. जिस्से की हम सभी गांववालों की घरों की लाइट जलती है, टीवी, पंखा आदि बिजली से चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक चीजे चलती है. हमारे गाँव में अलग - अलग सरकारी जमीन पर सरकारी नल का भी व्यवस्था है. जिस्से की हमारे गाँव में आने वाले लोगों को प्यास लगे तो वो पानी पी सके और अपनी प्यास बुझा सके. हमारे गाँव का ज्यादातर युवा कमाने के लिए किसी दूसरे शहर को जाते है. जहाँ पर वह अपने परिवार को चलाने के लिए दिन - रात मेहनत करके पैसे कमाते है. और उससे वह अपने घर को चलाते है. अपनी बीबी बच्चों का भरण पोषण करते है. और इसी में उनका पूरा जीवन गुजर जाता है. हमारे गाँव के कई सारे लोग अपने खेतों में अलग - अलग प्रकार की सब्जियों को उबजाकर उसे बाजार में और अपने गावों में टहल - टहल कर बेचते है. जिस्से की उनका घर चलता है. और वह अपने परिवार के साथ खुश रहते है. मेरे गाँव में एक सरकारी हॉस्पिटल (चिकत्सालय )भी बनाया गया है. जहाँ पर गाँव में अगर किसी को बुखार, पेट दर्द या फिर किसी अन्य तरह की परेशानी होतीं है. तो उसका पूर्ण रूप से सही इलाज किया जाता है. और यह हॉस्पिटल हमारे गाँव के सार्वजानिक फिल्ड पर बनाया गया है

👉 आतंकवाद पर निबंध

हमारे गाँव के इस फिल्ड पर शाम और सुबह को हमारे गाँव के लोग टहलने के लिए जाते है. और यहाँ के बच्चें दौरने के लिए गाँव से दूर स्थित बांध पर जाते है. हमारे गाँव में दो - चार किराना दुकान और इलेक्ट्रॉनिक दुकान भी है. जिसमें की हम गाँव वालो की घरेलु जरूरत की सामान आसानी से मिल जाते है. और इलेक्ट्रॉनिक दुकान में मोबइल फ़ोन, टोर्च आदि इलेक्ट्रॉनिक सामान मिल जाता है. जिस्से की हमारे गाँव के लोगों को छोटे - मोटे समान को खरीदने के लिए कहीं दूर नहीं जाना परता है. जिस्से की मेरे गाँव वालों को काफ़ी राहत मिलती है. मेरे गाँव में सभी प्रकार की सुबिधा मौजूद है. हमारे गाँव में दो गेहूं, सत्तू, और भी जरूरत की समान पीसनेवाला मशीन है. जिसमें हम सभी गाँव वाले अपने आनाज को पिसाने ले जाते है. उसी मिल में धान कूटने की भी सुबिधा होतीं है. जिस्से ग्रामीण लोग को धान कुटाने के लिए कहीं दूर नहीं जाना परता है. मेंरा गाँव का एक अलग हीं सौंदर्य है. सभी गाँव की तरह मेंरा गाँव भी एक खुशहाल गाँव है. जहाँ पर अनेक सुबिधाए है. और मुझे अपने गाँव से बहुत प्यार है. इसलिए मैं बड़ा होकर अपने गाँव की सेवा करना चाहता हूँ!


अगर आपको मेंरा यह गाँव पर निबंध अच्छा लगा. हो तो इसे अपने दोस्तों में जरूर शेयर करना, और इस लेख के बारे में आपका क्या विचार हैं. हमें कमैंट्स में जरूर लिखें |


इस लेख को पूरा पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद |

Post a Comment

Previous Post Next Post

Facebook